क्या नंगे पांव चलना सच में सेहत के लिए फायदेमंद है? जानिए ग्राउंडिंग के राज!
क्या आपने कभी घास पर नंगे पांव चलते हुए अप्रत्याशित शांति के साथ अनोखेपन को महसूस किया है? क्या आपने गौर किया है, जब आप नदी, नहर या समुद्र की लहरों के किनारे होते हैं, तो कैसे तनाव कम होने लगता है? यदि ऐसा महसूस किया है, तो शायद आपने अनजाने में खुद को ‘धरती से जोड़’ लिया है, यानी ‘ग्राउंडिंग’ की है। ग्राउंडिंग, या अर्थिंग का अर्थ है अपने शरीर को सीधे धरती की सतह से जोड़ना। हमारे पूर्वज बिना जूतों के अधिकांश समय धरती पर चलते थे, अनजाने में ही उन्होंने ‘इस चलन’ को अपना लिया था। लेकिन आजकल घरों में मैट, सड़कें, और यहां तक जूते की वजह से हम धरती से कम जुड़ पाते हैं। और कहीं न कहीं अब लोग नंगे पांव चलने को एक अजीब नाज़िए से देखते हैं । लेकिन कहा जाता है कि ग्राउंडिंग से तनाव कम होता है, मूड बेहतर होता है, और दर्द में राहत मिलती है। लेकिन अभी इसके फायदों के बारे में पक्के सबूत कम हैं। आजकल सोशल मीडिया रील्स के जरिये ग्राउंडिंग से जुड़े कई उत्पादों की बात हो रही है, जैसे ग्राउंडिंग मैट या बेडशीट, जो अच्छी नींद का दावा करते हैं। क्या यह वाकई सेहत के लिए बेहतर है? मानव शरी...