गोल्डन शावर ट्री: भारत की सड़कों पर सोने के आभूषण पहने ‘आरग्वध’

इस धरातल पर हम थोड़े समय के लिए आए हैं। जल्दबाजी मत करो, चिंता मत करो। सबसे जरूरी बात, रास्ते में फूलों की खुशबू का आनंद लेना न भूलें। बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरे जीवन में आपने शायद अपने चारों ओर इस तपती हुई गर्मी में बारिश की बूंदों की तरह गिरते हुए पीले फूलों को नजरअंदाज कर दिया होगा। वे मनमोहक फूल भारत के कई शहरों में हैं, जो केरल का राजकीय फूल है, और दिल्ली के गोल्डन झुमके कहे जा सकते हैं। यह शहरों को सुनहरा बनाता है। बस एक पल रुकें, और सड़क के दोनों किनारों पर आपको पीले फूलों से ढके पेड़ नजर आएंगे, जिन्हें आप गोल्डन शावर ट्री या अमलतास के नाम से बुला सकते हैं। ये किसी भी शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं।



अमलतास के सुनहरे फूल भारत के कई शहरों की शोभा बढ़ाते हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, और पुणे प्रमुख हैं। इन महानगरों के साथ-साथ, यह खूबसूरत वृक्ष कई अन्य शहरों और कस्बों की गलियों में भी अपनी पहचान बनाए रखता है। जब गर्मी की दस्तक होती है, तो अमलतास अपनी स्वर्णिम छटा बिखेरना शुरू कर देता है। आमतौर पर, मई से जून के बीच, भारत के वातावरण में इसके पीले फूलों की बहार छा जाती है। कुछ भाग्यशाली क्षेत्रों में, तो यह नजारा मार्च से जुलाई तक भी देखने को मिलता है। एक बार जब फूल खिलते हैं, तो लगभग डेढ़ महीने तक ये पेड़ अपनी सुनहरी आभा से आसपास के माहौल को रोशन करते रहते हैं, मानो प्रकृति ने सोने के आभूषण पहन लिए हों।




अमलतास (Cassia fistula) सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अनगिनत फायदों के लिए भी खास है। इसे आयुर्वेद में 'आरग्वध' यानी 'रोगों को दूर करने वाला' कहा गया है। इसके विभिन्न हिस्सों—फल, फूल, पत्तियां, छाल, और जड़—का पारंपरिक चिकित्सा में सदियों से उपयोग होता आ रहा है। लेकिन सबसे जरूरी बात, इसे उपयोग में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।


– Nitish Kumar.

लेख: नितिश कुमार

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