हैदराबाद से कोलकाता तक: क्या महिलाओं की सुरक्षा बस एक फिल्मी संवाद बनकर रह गई है?

हैदराबाद में एक 22 वर्षीय जर्मन महिला ने कार चालक पर कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाया है। हैदराबाद पुलिस ने मंगलवार को बताया कि महिला अपने दोस्तों के साथ हैदराबाद घूमने आई थी। सोमवार को शहर की सैर के दौरान कार चालक ने महिला को कुछ अच्छी तस्वीरें लेने के लिए एक जगह का प्रस्ताव दिया और शहर के बाहरी इलाके में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस आगे की जांच में लग गई है। वहीं, 2019 में हैदराबाद के शमशाबाद में एक 26 वर्षीय पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की घटना हुई थी।


पिछले कुछ समय में ऐसी कितनी घटनाएं हो चुकी हैं? 


आंकड़े बहुत कुछ कहते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रतिदिन 80 से अधिक बलात्कार होते हैं, जिसका मतलब है कि हर दिन लगभग तीन बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज होती है।

 कुछ दिन पहले कर्नाटक में एक इजरायली और एक स्थानीय महिला के साथ सामूहिक बलात्कार के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। 


वहीं, एक साल पहले झारखंड के दुमका में सात लोगों ने कथित तौर पर एक स्पेनिश महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।

 क्या आजाद भारत में बलात्कार आम बात है?


समाज, परंपरा और मिट्टी की बातें अब फिल्मी संवाद बनकर रह गई हैं। इतने सालों में पुलिस बस जांच में लगी रहती है, सरकारें मुआवजा देकर शांत हो जाती हैं, और कुछ लोग धरना-प्रदर्शन करके। हाल ही में कोलकाता में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना हुई। सब कुछ हुआ, लेकिन समाज में जो बदलाव चाहिए, वह नहीं हुआ। इसके बजाय, हमारे समाज में कुछ लोग प्रशिक्षु पीड़िता का नाम, बलात्कार का वीडियो और उनके नाम के साथ पोर्न जैसे शब्द गूगल पर ढूंढ रहे थे।  ऐसे घिनौनी  मानसिकता समाज के लिए जहर हैं।

आखिर महिलाओं के साथ हो रहे अपराध और अपराधियों से आजादी कब तक मिलेगी? और कितने वर्ष लगेंगे? 

भारत को आजादी के 78 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी महिलाओं के लिए ज्यादा कुछ नहीं बदला है। 1947 में जब भारत आजाद हुआ था, तब विभाजन के दौरान हजारों महिलाओं के साथ बलात्कार करके उनकी लाशें सड़कों और रेल की पटरियों पर फेंक दी गई थीं। यह भी हमारे देश में हुआ था, और आज भी, लगभग 78 वर्ष बाद, ज्यादा कुछ नहीं बदला है। हमारा देश अंग्रेजों से तो आजाद हो चुका है, लेकिन इस आपराधिक और अमानवीय मानसिकता से आजादी कब मिलेगी? यह सवाल हमें खुद से पूछना चाहिए।



German woman alleges 'rape' by car driver in Hyderabad. 



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