एक ऐसे भविष्य का निर्माण करें, जहां हम पहुंचना चाहते हैं

 साठ की उम्र तक पहुंचना मेरे लिए एक उपलब्धि है, क्योंकि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इतनी दूर तक आ सकूंगा। मैं 21 वर्ष का था, जब पता चला कि मुझे एएलएस नामक बीमारी है और तभी डॉक्टरों ने कह दिया था कि मैं कुछ ही वर्षों का मेहमान हूं। मुझे यह जानकर बहुत झटका लगा था, लेकिन मेरे वैज्ञानिक दिमाग ने मुझे संभाला। मैंने सोचा कि चूंकि मुझे कुछ ही वर्ष जीना है, इसलिए समय मेरे लिए बहुमूल्य है। मैंने सोचा कि लोग जितना पूरी जिंदगी में नहीं कर पाते, वह मैं कुछ वर्षों में कर दूंगा। मैंने हर सेकेंड का उपयोग करने की ठान ली। ब्रह्माण्ड मुझे शुरू से ही आकर्षित करता था। लेकिन मेरी जो हालत थी, उसमें मैंने पूरे ब्रह्मांड की यात्रा अपने मन के भीतर ही की। असल में, मैं जानना चाहता था कि ब्रह्मांड काम कैसे करता है। बिग बैंग और ब्लैक होल में भी मुझे दिलचस्पी थी, इसलिए मैंने इन्हें समझने से शुरुआत की। सब कहते हैं कि मैंने बहुत कुछ किया, लेकिन मुझे लगता है कि यह भौतिक विज्ञान की चुनौतियां ही थीं, जिनकी वजह से मैं इतना लंबा जी पाया। चुनौतियां अभी भी हैं। कई बड़े सवाल खोजे जाने के इंतजार में हैं। इसलिए मुझे लगता है कि युवाओं को विज्ञान में रुचि रखनी चाहिए। दुनिया की आबादी लगातार बढ़ रही है, उनके लिए भोजन और स्वच्छ पानी की व्यवस्था कैसे होगी? बीमारियों का इलाज कैसे होगा? बढ़ती ऊर्जा जरूरतें कैसे पूरी होंगी? जलवायु संकट का समाधान क्या है? समस्याओं के बीच मनुष्य किस तरह मनुष्य बना रहे? ऐसे सभी सवालों के जवाब विज्ञान के पास हैं। बस उन्हें ढूंढने की जिज्ञासा रखने वाले युवाओं की जरूरत है। जब हम अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखते हैं, तो हम खुद को एक रूप में पाते हैं। यह एक आकर्षक संदेश है। इस ग्रह पर हम सभी एक साथ रहते हैं। हमें सहिष्णुता और सम्मान के साथ एक साथ रहना चाहिए। हमें किसी एक सीमा तक सीमित न होकर वैश्विक नागरिक बनना चाहिए। हम सभी यात्री हैं, हर कोई भविष्य की ओर यात्रा कर रहे हैं। आइए हम मिलकर एक ऐसे भविष्य का निर्माण करें, जहां हम पहुंचना चाहते हैं। उस भविष्य में हर महिला और पुरुष के लिए स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जीने के अवसर हों, जहां हर कोई प्यार से भरा हो। इसके लिए कुछ मंत्र याद रखें बहादुर बनें, दृढ़ निश्चयी बनें, लड़े नहीं, बल्कि प्रेम करें और मिलकर बाधाओं को पार करें।          - Stephen Hawking

Comments

Popular posts from this blog

साबुन जीवन का हिस्सा कैसे बना, आखिर ये साबुन कैसे काम करता है?

क्या नंगे पांव चलना सच में सेहत के लिए फायदेमंद है? जानिए ग्राउंडिंग के राज!

पोस्टमॉर्टम, समाज और कुछ खोखली धारणाएँ!