विश्व में आधुनिकता के झंडे तले हर 11वां इंसान खाली पेट सोने को मजबूर
विश्व में अधिकांश देश आज आधुनिकता की तरफ बढ़ रहे हैं, और इसी आधुनिकता के झंडे तले विश्व का हर 11वां शख्स भुखमरी से पीड़ित है,वो आज खाली पेट सोने को मजबूर है। अभी हाल ही में खाद्य सुरक्षा और पोषण की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम रिपोर्ट ने हमारे सामने फिर एक कठोर सच्चाई को हमारे सामने रखा है। विश्व खाद्य कार्यक्रम और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा संयुक्त रूप से जारी रिपोर्ट ‘द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी ऐंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड 2024 बताती है कि कैसे आज भी दुनिया का 11वां इंसान खाली पेट सोने को मजबूर है। ये आंकडे दर्शाते हैं कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा को लेकर विश्व स्तर पर नीतियां और योजनाएं अब तक पर्याप्त साबित तो नहीं हो सका है। महामारी, जलवायु परिवर्तन और क्षेत्रीय संघर्ष जैसे कारणों ने इस संकट को और भी गहरा कर दिया है।
आज विश्व स्तर पर खुद को शक्तिशाली मानने वाले देश को अपने भीतर झांकने की जरूरत है। क्योंकि कोई भी देश तब तक शक्तिशाली और महान नहीं हो सकता जबतक वहां की जनता को खाने और अच्छा जीवन जीने के लिए सोचना पड़े । अभी हाल में विश्व स्तर की युद्धों की चर्चा अपने जरूरी सुना होगा। ये देश अपने पास रखे हथियारों से खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करना चाहते हैं।
आंकड़ें स्पष्ट दिखती है कि 71.5 फीसदी आबादी स्वस्थ आहार का खर्च नहीं उठा सकती है। यह विश्व स्तर पर भुखमरी के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। और यह चिंता का विषय है। रिपोर्ट की इस चेतावनी को भी गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है और इस समस्या को कैसे खत्म किया जाए इस विषय विचार करने का साथ सही कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि हर इंसान के थली में खाना पहुंच सके ।
#नितिश_कुमार
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