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Showing posts from July, 2024

विश्व में आधुनिकता के झंडे तले हर 11वां इंसान खाली पेट सोने को मजबूर

 विश्व में अधिकांश देश आज आधुनिकता की तरफ बढ़ रहे हैं, और इसी आधुनिकता के झंडे तले विश्व का हर 11वां शख्स भुखमरी से पीड़ित है,वो आज खाली पेट सोने को मजबूर है। अभी हाल ही में खाद्य सुरक्षा और पोषण की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम रिपोर्ट ने हमारे सामने फिर एक कठोर सच्चाई को हमारे सामने रखा है। विश्व खाद्य कार्यक्रम और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा संयुक्त रूप से जारी रिपोर्ट ‘द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी ऐंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड 2024 बताती है कि कैसे आज भी दुनिया का 11वां इंसान खाली पेट सोने को मजबूर है। ये आंकडे दर्शाते हैं कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा को लेकर विश्व स्तर पर नीतियां और योजनाएं अब तक पर्याप्त साबित तो नहीं हो सका है। महामारी, जलवायु परिवर्तन और क्षेत्रीय संघर्ष जैसे कारणों ने इस संकट को और भी गहरा कर दिया है। आज विश्व स्तर पर खुद को शक्तिशाली मानने वाले देश को अपने भीतर झांकने की जरूरत है। क्योंकि कोई भी देश तब तक शक्तिशाली और महान नहीं हो सकता जबतक वहां की जनता को खाने और अच्छा जीवन जीने के लिए सोचना पड़े । अभी हाल में विश्व स्तर की युद्धों की चर्चा अपने जरूरी सुना ...

दूसरों में अच्छाई देखिए, तो जीवन सुंदर बन जाता है

  हम सभी अलग-अलग हैं। इसलिए किसी को आंकें नहीं, बल्कि उन्हें समझें, और अपने सपनों का जीवन जिएं। अपना समय क्रोध, पछतावे, चिंता और दुर्भावना में बर्बाद न करें। चूंकि जीवन बहुत छोटा है, इसलिए अपना समय उन लोगों पर बर्बाद मत करें, जो आपका सम्मान नहीं करते, आपकी सराहना नहीं करते और आपको महत्व नहीं देते। खुद पर विश्वास रखें। आप जितना सोचते हैं, उससे कहीं ज्यादा बहादुर हैं। जितना जानते हैं, उससे कहीं ज्यादा प्रतिभाशाली हैं और जितना सोचते हैं, उससे कहीं ज्यादा सक्षम हैं। साथ ही यह भी याद रखें कि दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना भी जरूरी है। हो सकता है कि आपके लिए इसका कोई मतलब न हो, लेकिन उनके लिए इसका बहुत मतलब हो सकता है। अपने आप को केवल तभी बदल और बेहतर कर सकते हैं, जब आप अपने सुविधा क्षेत्र से बाहर कदम रखते हैं। सफलता यह नहीं है कि आप कितनी ऊंचाई पर पहुंचे हैं, बल्कि यह है कि आप दुनिया में किस तरह सकारात्मक बदलाव लाते हैं। यह तभी संभव है, जब आप वह काम करते हैं. जो सही है, न कि वह, जो आसान या लोकप्रिय है। सबसे कठिन समय अक्सर आपको जीवन के सबसे बेहतरीन पलों की ओर ले जाते हैं। इसलिए चलते रह...

समुद्र में वे सौ दिन,10 साल कम हुआ उम्र

 हम में से अधिकांश लोगों ने अपने बचपन से बडे होने के इस प्रक्रिया में एक वाक्य जरुर सुना और पढ़ा होगा कि जल ही जीवन है,लेकिन हम में से काफी कम लोग यह कल्पना किये होगें कि जल में भी जीवन है। आप अपनी आंखें बंद कर कल्पना किजिए कि आप रात में सोए और सुबह आपकी नींद खुलती है और दिन कि शुरुआत होती है पानी के भीतर से जहां हजारों तरह के जलीय जीव, वनस्पतियां हैं। इस कल्पना से परे देखे तो हम इंसान, मछलियों की तरह न तो पानी से ऑक्सीजन ले सकते हैं और न ही करोड़ों लीटर पानी का दबाव झेल सकते हैं। इसलिए पनडुब्बी में ऑक्सीजन लेकर इंसान पानी के भीतर जाते हैं और प्रेशर मेंटेन करते हैं।अभी आपकी सुबह की शुरूआत हुई है लेकिन इस आधुनिक सांसारिक जीवनशैली से काफी अलग है ,जहां आपसे बात करने वाला कोई नहीं है,और न ही एक फोन के आर्डर पर जोमैटो वाला खाना, न हर दिन सुनाई देने वाले सड़को पर वाहन,किसी शहर या गांव की जमीन पर आंखें खोलते ही आपको जो चारोंतरफ भागदौड़ नजर आती है,ये सब आपको नजर नहीं आएगा। ये सपने जैसा कल्पना को हकीकत में बदलने वाले अमेरिकी नौसेना के एक पूर्व गोताखोर और कॉलेज में प्रोफेसर जोसेफ दितुरी हैं...