पाइप से पानी लीकेज और परीक्षा से पहले पेपर लीक : हानिकारक
महाराष्ट्र की राजधानी में मात्र 3.7 मिमी बारिश हुई, जिसके परिणामस्वरूप सामान्य 9 मिमी से 59% कम वर्षा हुई। इस पानी कमी के खतरे को भांपते हुए, बीएमसी अधिकारियों ने शहर में पानी की कटौती की एक श्रृंखला को लागू करने के निर्णय की घोषणा की उन्होंने पहले 5 प्रतिशत और बाद में 5 जून से 10 प्रतिशत कटौती की बात कही।
बोरिवली के एक्सर डोंगरी में लगभग 12 हज़ार लोग रहते हैं। एक बुजुर्ग महिला बताती हैं,कि वो काफी सालों से पानी की समस्या से जूझ रही हैं,अभी वो 70 साल की हो गई है और आज भी वो पानी के लिए संघर्ष कर रही है। देश में चारों तरफ भीषण गर्मी के चलते सरकारों ने स्कूलों में छुट्टी दे दिए ताकि बच्चे घरों में भीषण गर्मी से सुरक्षित रहे। वहीं दूसरी तस्वीर को कोई जल्दी दिखता नहीं और जो सरकार की नाकामी है,जहां बच्चे दिनभर पानी के लिए टैंकर के पीछे भागते फिरते हैं। न बच्चे गर्मी से बच पाते हैं और न ही सही से पढ़ाई कर पाते हैं। यह कहीं न कहीं पूरे सिस्टम की लापरवाही है। लगभग 25% से ज्यादा मुंबई के सड़कों पर पानी लीकेज होती है,जो पानी बर्बाद हो जाती है।
महाराष्ट्र के कई गांवों में लोग कुएं से दिन भर पानी खींचने में लगे हुए हैं। एक कुआं जो लगभग सूख चुका है,और पानी न के बराबर है। लोग एक-एक बूंद के लिए तरसते हैं और अपने दिन का अधिकांश समय पानी भरने में लगा देते हैं,बच्चे,बूढ़े और जवान सब पूरा का पूरा गांव बस पानी के लिए संघर्ष कर रहा है।
18वीं लोकसभा चुनाव अभी समाप्त हुआ 4 जून को रिजल्ट आया। जहां आप पिछले कुछ दिनों में नेताओं ने अपनी अपनी भाषण में कई तरह के वादे भी किए हैं। आप एक चीज सामान्य पाएंगे आजादी के बाद से हर नेता का एक डायलॉग है कि हम गरीबों के नेता हैं । और हम गरीबी को खत्म कर देंगे और एक परिवर्तन का प्रकाश लाएंगे। ऐसा नहीं कि देश में काम नहीं हुआ काम हुआ और परिवर्तन का प्रकाश भी आया। नेता अब स्विमिंग पूल में नहाने लग गए बड़े-बड़े आलीशान घरों में रहने लग गए। अब वह प्लेन में बैठे वीडियो शेयर करते हैं। जहां वो मछली और चावल खाते हैं । हमारे देश में गरीब की जो स्थिति पहले थी। वह पहले से थोड़ा सुधार हुआ लेकिन आज भी वैसे की वैसे ही है। गरीब का बच्चा चाहता है की पढ़कर जीवन को बेहतर कर ले तो परीक्षा से पहले पेपर लीक हो जाता है।
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