एक राष्ट्र,एक चुनाव पर पूर्व राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति को सौंपी रिर्पोट

 एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 14 मार्च को 18,626 पन्नों की रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी है।

कमेटी ने 6 महीनों से अधिक समय तक रिसर्च करने के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है, रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2029 में देश में एक साथ चुनाव कराने की बात  कही गई है, इसके लिए संभव  हो सकता है कि संविधान के अनुच्छेदों में संशोधन करने के बाद लोकसभा, विधनसभा और लोकल चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची रखने की बात शामिल है।

केमटी के रिपोर्ट्स और इसके पक्ष में बात करने वाले कहते हैं, कम लागत से एक बारी चुनाव होगी, जिससे पैसे की बचत होगी,मतदाता मतदान में वृद्धि देखने को मिलेगा और साथ ही पार्टियां  कम चुनावों प्रचार करेंगे,जिससे समाज कल्याण में  शासन करने के लिए अधिक समय समर्पित कर सकेंगे।

 देश के 47 राजनीतिक दलों ने एक राष्ट्र,एक चुनाव पर अपनी राय कमेटी को दी, इसमें से 32 पक्ष में ,जबकि15 विपक्ष में मत रखें हैं। आगमी चुनाव यानी 2029 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं,वही दूसरे चरण में 100 दिन के अंदर स्थानीय निकायों के चुनाव कराए जा सकते हैं।

एक राष्ट्र,एक चुनाव का अर्थ है कि सभी राज्यों में विधनसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव एक साथ कराया जाय।इसके लिए 8 मेंबर शामिल हैं,इस कमेटी की अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कर रहे हैं, गृह मंत्री अमित शाह के अलावा गुलाब नबी आजाद, फाइनेंस कमीशन के पूर्व चैयरमैन एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व सेक्रेटरी जनरल सुभाष कश्यप, सीनियर एडवोकेट हरिश साल्वे और पूर्व चीफ विजिलेंस कमिश्नर संजय कोठारी भी शामिल हैं ।

 

आजद भारत के पहले चुनाव 1951-52 लोकसभा और विधानसभा चुनाव सभी राज्यों में एक साथ कराए गए थे। इसके बाद भी 1957,1962और 1967 में भी चुनाव एक साथ कराए गए,

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