नौ साल की बच्ची के साथ बलात्कार,अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कल

 पुडुचेरी में नौ  साल की बच्ची कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और हत्या की शिकार हुई बच्ची के अंतिम संस्कार में गुरुवार,7मार्च 2024 को कई लोग शामिल हुए।  पुलिस ने कहा  शनिवार शाम को बच्ची लापता हो गई थी, वहीं बुधवार को नाले में फेंके गए एक बोरे के अंदर शव मिला।

 पुलिस ने बताया कि उसके हाथ और पैर रस्सी से बंधे हुए पाए गए। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और SC/ST अधिनियम के तहत हत्या और यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है।

प्रशासन ने 19 वर्षीय एक युवक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है।

 लड़की के माता-पिता ने 2 मार्च को उसके लापता होने की ख़बर पुलिस में  दर्ज कराई थी और उसे ढूंढने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया था। लेकिन बच्ची का  शव उसके घर के पास एक नाले में एक बोरे में तैरता हुआ पाया गया और बाद में उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

 पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी और उपराज्यपाल तमिलिसाई साउंडराजन ने लड़की के परिवार से मुलाकात की और 20 लाख रुपये के मुआवजा देने की घोषणा की।

हर दिन किसी मासूम बच्ची का  बलात्कार भारत में कहीं ना कहीं हो रहा होता है। प्रत्येक वर्ष एनसीआरबी की रिपोर्ट्स चिंताजनक होता है ,अकेले 2022 में, बाल बलात्कार और प्रवेशन हमलों के 38,911 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में 36,381 मामलों से उल्लेखनीय वृद्धि है। 2020 के लिए संख्या 30,705 थी, और 2019 के लिए, 31,132।  2018 में 30,917 मामले दर्ज किए गए।

सरकारें बस मुआवजा देते हुए तस्वीर खिंचवाएंगे ये ऊपर दिए एनसीआरबी के आंकड़े हैं,  वही बाकी भारत में आधे से अधिक रेप के मामले दबा दिए जाते हैं उसका कारण जान से मारने की धमकी, समाज में नाम ख़राब होने का डर आदि कई कारण हैं ।

कल यानी 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है ।हर तरफ महिलाओं के विकास की बातें करेंगे सोशल मीडिया पर लोग स्टोरी लगाएंगे। गांव के  सरपंच से लेकर के देश के बड़े पदों पर बैठे लोग ,किसी शैक्षिक संस्थान में महिलाओ के सम्मान में कविताएं लिखी और पढ़ी जाएंगी कोई उस दिन पेड़ तो कोई पौधा लगायेगा और फोटो खींच के अखबार में प्रकाशित करवाएंगे। रिर्पोट के अनुसार इतने ही देर में किसी मासूम बच्ची या किसी औरत का बलात्कार हो रहा होगा।

ये समाज जहां हम रहते हैं वहां किसी एक को दोषी ठहराया नही जा सकता है, जड़ों में लगे गंदगी को साफ करना होगा इसके लिए अच्छी गुणवत्ता वाला शिक्षा व्यवस्था लागू करना होगा और नैतिक ज्ञान पर जोर देना चाहिए।

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