राजनीति का हाथ थामकर समाज का गला घोंटने वाले गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की मौत

 उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर और देश के अभिशाप जो  मऊ से पांच बार विधायक रहे मुख्तार अंसारी की गुरुवार( 28.03.2024)शाम को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई, जिसके बाद उनकी मौत की जांच के आदेश दिए गए।

समाज में ज़हर घोलने वाले(गैंगस्टर)-राजनेता, जो बांदा जिला जेल में बंद था, रमजान के उपवास के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर पहले डॉक्टरों को उसका इलाज करने के लिए जेल बुलाया गया, लेकिन डॉक्टरों को संदेह होने पर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। 

उसे रात क़रीब 8.25 बजे बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया। नौ डॉक्टरों का एक पैनल उसका इलाज कर रहा था, लेकिन दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।

इस बीच, परिवार ने मुख्तार अंसारी की मौत पर गड़बड़ी का आरोप लगाया जिसके बाद  मजिस्ट्रेट ने जांच के आदेश दिए ,    मीडियाकर्मी से बात करते हुए अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने कहा कि उनके पिता को परोसे गए खाने में जहर दिया गया था। अपने उम्र में अधिकांश समय जुर्म करते हुए और समाज को प्रदूषित करता रहा अंसारी ।

 

कुछ दिन पहले अंसारी ने बाराबंकी की एक अदालत को बताया था कि उन्हें जेल के अंदर जहर मिला हुआ खाना परोसा गया था। वो लोग जो अंसारी के जुर्मों के शिकार हुए लोग अपने परिवार के मौत पर किसी से कुछ  कह भी नही सकते थे ।  ना समाज सुनता ना शासन सब कुछ अंसारी ही नियंत्रित किया करता था ।

 

इस बीच, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने अंसारी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

अंसारी ने दो साल पंजाब की जेल में बिताए और अप्रैल 2021 में उन्हें वापस बांदा जेल लाया गया। सितंबर 2022 से उन्हें यूपी की विभिन्न अदालतों द्वारा आठ मामलों में सजा सुनाई गई और वे बांदा जेल में बंद थे। पिछले साल उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी 66 गैंगस्टरों की सूची में उनका नाम था। इस बीच, पुलिस ने बांदा और लखनऊ, कानपुर, मऊ और गाजीपुर समेत अन्य इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। गैंगस्टर समाज में दीमक होते हैं जब तक जीवित रहते है समाज को धीरे धीरे खाते रहते है । राजनीतिक पार्टियां ऐसे लोगो को अक्सर बढ़ावा देते हैं।

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