मजदूरों की मौत पर चुप्पी
कानपुर के जाजमऊ में 27.03.2024 की सुबह टेनरी के सेप्टिक टैंक में सफाई के दौरान गिरने से मजदुर की मौत हो गई। देश को स्वच्छ, सुंदर और स्वास्थ्य रखने में अपने हिस्से का योगदान देने वाले लोग जो निर्माण स्थल, खदानों में या सीवेज की सफाई करने वाले मजदूर वर्ग हैं, जिसे समाज में आधिकांश लोग इज़्ज़त से उनका नाम भी नहीं पुकारते हैं यही वजह से वो समाज में हर जगह मौजूद होकर भी दिखाई नही देते हैं।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के कारखाना सलाह सेवा एवं श्रम संस्थान महानिदेशालय (डीजीएफएएसएलआई) के आंकड़ों के अनुसार, देश में पंजीकृत कारखानों में दुर्घटनाओं के कारण 2017 से 2022 के बीच औसतन हर दिन तीन लोगों की मौत हुई और 11 लोग घायल हुए। काफी बड़ी संख्या है जो वास्तव में कभी दर्ज़ नही हो पाता है जैसे झारखण्ड के एक गांव में इकलौत घर में कामने वाला लड़का जिसकी उम्र लगभग 29 साला है वो घर निर्माण में मजदूरी करके पैसा कमाता है,लेकिन एक दिन निर्माण स्थल के छत से काम करने के दौरान गिर जाता है,और मौत हो जाती है,अगर निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था होती तो आज वो लड़का जीवित होता।
किसी कस्बे,गांव या शहर में कोई एक ठेकेदार या मिस्त्री जो घर बनता है,वो अक्सर लाभ कमाने के चक्कर में वहां काम कर रहे मजदूरों की जिंदगी से खेलता रहता है वो उन्हें कभी भी काम के दौरान होने वाला हादस से बचाओ के लिए सुरक्ष व्यवस्था नही देते हैं।
मेरा मित्र है दीपेश जो किसी नामी कंपनी में काम करता है उसने बताया कि ये कंपनी सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखती है और लोगो को बीच बीच में जागरुक भी करती है,फिर उसने कहा की कुछ कंपनियों में सुरक्षा के मूलभूत सुविधाएं नही हैं, अगर कोई घायल होता है तो उन मजदूरों की रिपोर्ट कभी दर्ज़ नही करती ताकि कम्पनी का नाम खराब ना हो ।
अभी हाल की घटनाएं ,
1 मार्च, 2024 को हैदराबाद में मैनहोल की सफाई करते समय जहरीली गैस की वजह से तीन कर्मचारियों की मौत हो गई।
29 फरवरी, 2024 को कूच बिहार में 15 साल पुराना ओवरहेड वॉटर रिजर्वायर ढहने से दो कर्मचारियों की मौत हो गई और एक घायल हो गया
देश में हर साल आंकड़े जारी होते है लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया जाता है । कुछ हिस्सा है जो वास्तव में समाज में सुधार के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
लोगो को अपने देश में काम कर हर वर्ग के मजदूर , रिक्शावाला या किसान जो भी हमसे बड़े या उम्र में छोटे हैं, सबसे इज़्ज़त से पेश आने की तहजीब सीखना होगा।
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