आईआईएमसी में चांद के चारों तरफ मनमोहक दृश्य

 मिजोरम राज्य की राजधानी आइजोल में भारतीय जन संचार संस्थान में चंद्र प्रभामंडल (halo moon ) की अनोखा दृश्य 21 मार्च 2024 की रात्रि को देखने को मिला।
चंद्र प्रभामंडल (halo moon ) को थोड़े नजदीक से जानते हैं।

हमें आकाश में विभिन्न प्रकार के घटनाएं या दृश्य देखने को मिलते हैं उनमें से एक है । सूर्य या चंद्रमा के चारों ओर कभी-कभी दिखाई पड़ने वाला एक प्रभामंडल जो एक रिंग यानी एक गोले से घेरे के रूप में सूर्य या चंद्रमा के नज़दीक दिखाई पड़ता है।ये वातावरण में मौजूद आइस क्रिस्टल के मौजूदगी का परिणाम है , ये आइस क्रिस्टल पृथ्वी के वायुमंडल में करीब पांच से दस किलोमीटर की ऊंचाई पर क्षोभमंडल में मौजूद होते हैं ।

क्षोभमंडल यानी पृथ्वी के वायुमंडल की सबसे निचली परत है। इसमें ग्रहीय वायुमंडल के कुल द्रव्यमान का 75% और जल वाष्प और एरोसोल के कुल द्रव्यमान का 99% शामिल है, और यह वह जगह है जहां अधिकांश मौसम संबंधी घटनाएं होती हैं।जब सूर्य या चंद्रमा की रोशनी क्षोभमंडल पर पड़ती है तो ये छोटे-छोटे प्रिज्म का काम करते हैं और प्रकाश को अलग अलग रंगो में बांट देते हैं जो एक नए रूप को जन्म देती है जो काफ़ी मनमोहक दृश्य होता है।

भारतीय जन संचार संस्थान की छात्रा सृष्टि की नजर आसमान की और जाती है उसके चेहरे पर उत्साह से भरी हुई खुशी के साथ अपने मित्र टीशा को आवाज लगाती है और वहां मौजूद शांतनु और नीतीश की भी नजरे आसमान की और देखने लग जाते हैं।ये आसमान की शुद्ध खुबसूरती मानो किसी रेगिस्तान में चिलचिलाती हुई गर्मी में किसी प्यासे को पानी मिला जाए उसके अंदर आत्मा को मिलने वाला सुकून से कही बढ़कर ये आसमान में नजारा था।

Comments

Popular posts from this blog

साबुन जीवन का हिस्सा कैसे बना, आखिर ये साबुन कैसे काम करता है?

क्या नंगे पांव चलना सच में सेहत के लिए फायदेमंद है? जानिए ग्राउंडिंग के राज!

पोस्टमॉर्टम, समाज और कुछ खोखली धारणाएँ!