प्रदूषित शहरों में दिल्ली दुनिया भर में प्रथम, विश्व में भारत तीसरे स्थान पर: रिर्पोट
वार्षिक विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट में नई दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित राजधानी शहर बताया गया है, जबकि भारत 2023 में विश्व स्तर पर तीसरा सबसे प्रदूषित देश है, जो पड़ोसी बांग्लादेश और पाकिस्तान के बाद तीसरे स्थान पर है।
भारत लगातार खराब वायु गुणवत्ता में
डूब रहा है ।उत्तरी भारत और दिल्ली फसल जलाने, वाहन उत्सर्जन, कोयला जलाने,
अपशिष्ट जलाने और गर्मी और खाना पकाने के लिए बायोमास जलाने से निकलने वाले धुएं
से जूझ रहे हैं।
पीछले कई सालो में आप कई बार वायु
गुणवत्ता के रिपोर्ट्स या ख़बर पढ़े या सुने होंगे तो एक शब्द बार-बार सुनाई दिया
होगा वो है PM यानी पार्टिकुलेट
मैटर जो धूल या वायु में इसके कण मिले होते हैं, जो शरीर में घुसकर कई बीमारियों
को जन्म देती हैं। PM2.5 और 10 का आकार इतना छोटा होता है कि
यह आंखों के लिए अदृश्य होता हैं
वायु प्रदूषण मानव स्वास्थ्य के लिए
सबसे बड़ा पर्यावरणीय खतरा है। विश्व
स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, वायु प्रदूषण हर साल दुनिया भर में
अनुमानित सात मिलियन असामयिक मौतों के लिए ज़िम्मेदार है। पीएम 2.5 वायु प्रदूषण
के संपर्क में आने से कई स्वास्थ्य स्थितियाँ पैदा होती हैं और बिगड़ जाती हैं,
जिनमें अस्थमा, कैंसर शामिल हैं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं हैं। स्ट्रोक, और फेफड़ों की बीमारी। इसके अतिरिक्त, सूक्ष्म कणों के ऊंचे स्तर के
संपर्क में आने से बच्चों में संज्ञानात्मक विकास ख़राब हो सकता है, मानसिक
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और मधुमेह सहित मौजूदा बीमारियाँ जटिल हो
सकती हैं। इस रिपोर्ट को बनाने के लिए
उपयोग किया गया डेटा 30,000 से अधिक नियामक वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों और
अनुसंधान संस्थानों, सरकारी निकायों, विश्वविद्यालयों और शैक्षिक सुविधाओं,
गैर-लाभकारी गैर-सरकारी संगठनों द्वारा संचालित कम लागत वाले वायु गुणवत्ता सेंसर
के वैश्विक वितरण से एकत्र किया गया था।
जब हम प्रदूषण के बारे में बात करते
हैं तो ये किसी गांव , शहर , राजधानी या देश को प्रभावित नहीं करता है बल्कि ये
पूरे धरती के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। मनुष्य अपने जीवन के अंतिम पड़ाव तक लागतार
अपने हिस्से में आसानी को तलाशता है और
सबसे ज्यादा नुकसान इस खूबसूरत धरती को चूकना पड़ता है ।
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