लोकसभा चुनाव अप्रैल से सात चरणों में, शराब और मुर्गा बदलेगा मतदाता के मन?

 दुनिया के सबसे बड़ा मतदाता भारत अपने  97 करोड़  मताधिकार का प्रयोग करने जा रहा है। लोकसभा में 543 सीटों के लिए चुनाव 19 अप्रैल से सात चरणों में होंगे और नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने शनिवार 16.03.2024 को इसकी घोषणा की।

पहला चरण-19 अप्रैल (102 सीट)

दूसरा चरण-26 अप्रैल (89 सीट) 

तीसरा चरण-7 मई (94 सीट)

चौथा चरण- 13 मई (96 सीट)

पांचवां चरण- 20 मई (49 सीट ) 

छठवां चरण- 25 मई (57 सीट) 

सांतवां चरण- 1 जून (57 सीट),और सबसे जरूरी नतीजे- 4 जून को “मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा।

 

सबसे ज्यादा जरूर बातें जो हमें मालूम होना चहिए

 

1.8 करोड़ वोटर्स पहली बार अपने हिस्से के वोट करने के लिए तैयार हैं ।

100 से अधिक उम्र वाले लोगों को संख्या 2.18 लाख है।

 

12 राज्यों में महिला वोटर्स की संख्या पुरुषों से अधिक है ।

 

..सबसे जरूर बातों में से अलग लेकिन जरूर ------

  

चुनाव को लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व के रूप में देखा जाता है और लोगो को  अपने हिस्से के वोट देने के लिए जागरूक भी करते हैं ,ताकि वो वोट दे और योग्य उम्मीदवार का चुनाव कर सके । भारत के  शहर, गांव या किसी भी परिवेश से आप आते होंगे शायद आप जरूर सुने होंगे की किसी और के बदले कोई और वोट दे रहा है। शाम होते 500 रूपए प्रत्येक घर के सदस्यों के लिए पैसे भी दिए जाते हैं ताकि वो पैसे देने वाले पार्टी को ही वोट कर सके।

दुख होता है जब वोट पाने के लिए राजनीतिक पार्टियां शराब तक लोगो को देती हैं।

खाने के लिए मुर्गा चावल, पनीर या खेल कुद के सामान देती हैं।ताकि हर तरह के वोटर्स को खरीद सके । ये उम्मीदवार अपने शानदार भाषण में अखंडता और शुद्धता जैसे शब्दों का प्रयोग कर बाकी जनता को लुभाते हैं।

 

 

चुनाव आयोग ने कहा घर-घर जाकर गहन सत्यापन के बाद 1,65,76,654 मृतकों, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं।  “यह व्यापक सफ़ाई चुनावी प्रक्रिया की अखंडता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए की गई है।  इसमें 67,82,642 मृत मतदाता, 75,11,128 स्थायी रूप से स्थानांतरित/अनुपस्थित मतदाता और 22,05,685 डुप्लिकेट मतदाता शामिल हैं।

 

हम हर बार सुनते है इस बार बदलवा होगा फिर वही होता है जो हर बार सुनते हैं। लोग शिक्षित हो रहे हैं अब धीरे धीरे साक्षरता दर बढ़ रही है लोग मुर्गा चावल और पनीर देखे के नही बदलेंगे।

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